दादी सा अभीरा को घर से निकाल देती है, कहती है कि उसकी हरकत ने घर को छोटा बना दिया है।

अरमान को पता चलता है कि अभीरा निकाली गई है, वह उसके लिए चिंतित होता है।

अभीरा भगवान से प्रार्थना करती है कि उसकी शादी युवराज से न हो।

रूही अरमान को सच बताती है, अभीरा की स्थिति के बारे में।

दादी सा का दुःख और खेद होता है, उन्हें अभीरा को ढूंढने का आदेश दिया जाता है।

युवराज को जेल जाने का खतरा होता है, दादी सा ने फैसला किया है।

दादी सा को अपनी गलती का एहसास होता है और उन्हें पछतावा होता है।

अभीरा की चुप्पी कोई बड़ा सच छिपाने के लिए जाती है, उसकी वजह समझी जाती है।

रूही सब सच सामने लाती है, अरमान को उसकी डायरी मिलती है।