अरमान का आरोप: एपिसोड की शुरुआत में, अरमान द्वारा अभिरा पर उसकी लोकप्रियता से ईर्ष्या करने का आरोप लगता है।

कॉलेज के पहले दिन का महत्व: अभिरा अरमान को बताती है कि उसकी उपस्थिति के कारण वह कॉलेज के पहले दिन का आनंद नहीं ले पाई और यह उसके लिए महत्वपूर्ण है।

सीखने की कमी: अभिरा अरमान से कहती है कि उसने आज कुछ नहीं सीखा और इसे याद दिलाती है कि उसने बहुत सारी बाधाओं को पार करना पड़ा ताकि वह इस महत्वपूर्ण दिन तक पहुंच सके।

स्वर्णा और मनीष का आश्चर्य: स्वर्णा और मनीष एक-दूसरे को देखकर आश्चर्य करते हैं कि मैनेजर जिस अभीर के बारे में बात कर रहा है, वह अक्षरा के बेटे अभीर जैसा ही है।

चारु की आँसुओं की कहानी: चारु अपने कमरे में पुराने नियमों के कारण छूटे एक अवसर के बारे में सोचकर रो रही है, जिससे उसे अपनी परेशानी प्रकट होती है।

परिवारिक नियमों की छूट: चारु की आँसुओं के पीछे, पुराने परिवारिक नियमों ने उसको एक और अवसर से छूटने का अहसास कराया है।

अभिरा का भविष्य: अभिरा का भविष्य अब कैसा होगा, इस पर सोचते हुए, वह अपने उद्दीपकों की दिशा में आगे बढ़ने की योजना बनाती है।

मनोबल और समर्थन: अभिरा को अपने मनोबल को संभालने के लिए सहारा और समर्थन की आवश्यकता होती है, जो उसे उसके साथी द्वारा प्रदान किया जाता है।

प्रेम और विश्वास: इस घड़ी में, अभिरा को अपने प्रेम और अपने साथी के विश्वास में विश्वास रखना होगा ताकि वह आगे बढ़ सके।