राधा की घड़कने भरे पल, वह दो अपहरणकर्ताओं को छिपते हुए देखती है।

अपहरणकर्ताओं का ध्यान नहीं जाता, जिससे राधा को राहत मिलती है।

राधा का विचार: मोहन को छोड़ना उसकी आखिरी विकल्प था।

दमिनी और कवेरी मोहन को छिपे ठिकाने ले जाते हैं।

डॉक्टर की आगाही: मोहन को अस्पताल में इलाज करना आवश्यक है।

दमिनी का उलझन: क्या मोहन को अस्पताल ले जाने की देना होगा?

अस्पताल के बिना मोहन की जान को खतरा है।

संघर्ष में रोमांच: क्या मोहन चोट को दूर करेंगे?

राधा की दृढ इच्छा: कैसे बचाएंगी वह मोहन को?