एपिसोड की शुरुआत मोहन और दामिनी के बीच एक फोन कॉल के साथ होती है, जिसमें मोहन दामिनी पर चाकू उठाता है।

मोहन की इस हादसे के बाद, वह किसी अजनबी के द्वारा पकड़ लिया जाता है, और वह डर से अपनी आंखें बंद कर लेता है।

दामिनी मोहन से कहती है कि उसे अपनी आंखें बंद करने के लिए कहती है, लेकिन मोहन उसकी सलाह को नकारता है और आंखें खोल देता है।

राधा मोहन बताती है कि भगवान कृष्ण ने उसकी मदद की और एक महिला ने 20 लाख रुपये के चेक पर हस्ताक्षर करके उसकी सहायता की।

दामिनी मोहन से गुस्से में कहती है कि वह उसे आधे रास्ते में नहीं छोड़ सकता है और उसे झूठे दुर्व्यवहार के आरोप में फंसा देगी।

राधा भड़क जाती है और दामिनी को अपनी ओर खींचती है, जिसके बाद वह उसे जोर से थप्पड़ मारती है।

मोहन को राधा के क्रियान्वयन से काफी संतुष्टि मिलती है, जैसे कि वह उसके साथ है।

एपिसोड में कृष्ण के बारे में चर्चा होती है, जिसने राधा को सहायता की और मोहन को उसके साथ रहने में साहस दिया।

मोहन का दामिनी के साथ का विवाद दर्शाता है, जिसमें वह उसके झूठे दुर्व्यवहार के आरोप का सामना करने के ख़तरे में होता है।

राधा के द्वारा दिया गया थप्पड़ मोहन की संतोषना को प्रमोट करता है, जिससे उनके बीच का मिलन बढ़ जाता है।