दिनांक 7 अक्टूबर 2023 का अपडेट: इस अपडेट में हम देखते हैं कि सुमीत और श्लोक बिलावल के सामने डरे हुए हैं, जिस पर बिलावल डरावने हंसी में हंसते हैं।

बिलावल के लोग भी हंसते हैं और सुमीत को कहते हैं कि अब तक ताकत दूतावास भी उन्हें बचा नहीं सकेगा।

सुमीत बिलावल से कहती हैं कि वह पाकिस्तान से श्लोक और अक्की को बाहर ले जाएंगी, चाहे वह जलते हुए खड़ी रेख पर चलकर करना पड़े, परन्तु वह कभी हार नहीं मानेंगी।

श्लोक डर से कांपता है और अक्की अपने माँ सुमीत को पकड़ कर अपना चेहरा छुपाता है, क्योंकि वह डरता है।

इसका बिलावल को ध्यान जाता है, लेकिन वह अक्की की मानसिक स्थिति को नजरअंदाज करते हैं।

बिलावल फिर सुमीत से कहते हैं कि यही होता है जब कोई व्यक्ति उससे ज्यादा करता है जो उससे करने की आवश्यकता होती है।

उन्होंने यह भी जोड़ते हैं कि क्योंकि सुमीत और श्लोक ने सबूतों के टुकड़ों को बर्बाद करके उड़ान भर रहे थे, इसलिए उन्हें अपनी हाथों से मौत का सामना करना पड़ गया।

अक्की का मानसिक स्वास्थ्य: इसमें उन्हें डर की अधिक मानसिक स्थिति के रूप में दर्शाया गया है, जिसका बिलावल द्वारा ध्यान न देना।

काम करने की अधिक आवश्यकता: इसमें बताया गया है कि बिलावल कैसे यह व्यक्त करते हैं कि व्यक्ति कभी-कभी अपने काम से अधिक क्यों करते हैं।

सबूतों के टुकड़ों की बर्बादी: इसमें सुमीत और श्लोक की क्रिया का वर्णन है, जिसके कारण उन्हें बिलावल के हाथों मौत का सामना करना पड़ता है।