समर की मृत्यु: एपिसोड की शुरुआत में दिखाया गया है कि समर का जीवन कैसे बिना किसी साइदर समय के गुज़र जाता है, जो अनुपमा के लिए दुखद होता है।

अनुपमा की कृतज्ञता: अनुपमा अपने बेटे समर की कृतज्ञ हैं और वह जानती हैं कि वह सबके ऊपर नजर रखते हैं ताकि वे फिर से खुश हो सकें।

समर की इच्छा: समर की मौके की याद दिलाती है, जिसमें उसने अनुपमा से अपने बच्चे और डिम्पल की देखभाल करने की इच्छा व्यक्त की थी।

अनुपमा का वादा: अनुपमा समर के हाथ को पकड़ती है और उसे वादा करती है कि वह उसके बच्चे का और उनके परिवार का प्यार और देखभाल करेगी।

डिम्पल की आंसू: डिम्पल समर को गले लगाते समय दुखद रूप से रोती है, जो उसके पति से अलग हो गए हैं, और वह ईश्वर से सवाल पूछती है।

अनुज की चुप्प: अनुज चुपचाप बैठे हैं, जो देख रहे हैं कि परिवार के सभी लोग कैसे रो रहे हैं और किस्मत को दोष देते हैं।

दुखभरा आपत्ति: समर की मौके की प्रस्तुति ने परिवार के लिए कितना दुखद और कठिन है, इसकी आपत्ति की है।

वनराज की साथी: वनराज अनुज के साथ चुपचाप बैठे हैं, जो समर की मौके की परिभाषा में अपने दुखभरे दिल को दिखाते हैं।

परिवार की समर्पणा: परिवार के सभी सदस्य एक साथ होते हैं और उनके बीच एक गहरा बंधन होता है, जो उन्हें समर की मौके की दुखभरे दुखभरे मौके की वजह से और भी मजबूती से जोड़ता है।

दिव्य भावनाओं का बवंडर: यह सीन विचारशीलता और गहरी भावनाओं का संघटन करता है, जिसमें हर किसी का दिल टूट जाता है।