आज का एपिसोड का आरंभ: मालती देवी और बरखा के सदमे से अनुपमा का आज का एपिसोड शुरू होता है, जहां अनुपमा मातृत्व में हस्तक्षेप न करने की बात करती है।

मातृत्व में हस्तक्षेप की आग्रही बातें: अनुपमा, मालती देवी से अपने बच्चों के साथ हस्तक्षेप न करने की बात करती है, जिसपर मालती देवी का प्रतिध्वनि होता है।

भेदभाव का विवाद: मालती देवी अनुपमा से पूछती है कि क्या उसका भेदभाव इसलिए है क्योंकि अनु उसकी जैविक संतान नहीं है, जिससे अनुपमा चौंक जाती है।

प्यार की परिस्थिति: अनुपमा का कहना है कि वह अपने बच्चों के साथ कभी भी भेदभाव नहीं करती और सभी को वही प्यार देने की पूरी कोशिश करती है जिसके वे हकदार हैं।

बरखा का तर्क: बरखा कहती है कि वह समान नहीं लगती क्योंकि अनुपमा पाखी के सभी दुष्कर्मों के बाद भी उसके प्रति कृपालु व्यवहार करती है लेकिन अनु के प्रति न्याय के प्रतीक की तरह व्यवहार करती है।

पाखी का बिजनेस प्रपोजल: इस बीच, पाखी अपना बिजनेस प्रपोजल तैयार कर रही है, क्योंकि मां बनने से पहले उसे खुद को सभी की नजरों में डिंपी से बेहतर साबित करना है।

अनुपमा की एकमात्र मां के रूप में अपनी स्वतंत्रता और स्वाभाविकता की प्रतिबद्धता का मंचन।

एपिसोड ने दिखाया कि अनुपमा का मातृभाव उसके बच्चों और परिवार के लिए कितना महत्वपूर्ण है।

एपिसोड ने समाज में जातिवाद और भेदभाव के खिलाफ संवाद को उत्तेजित किया, जो दर्शकों को विचार करने पर मजबूर करत