इस एपिसोड में, अनुज ने अनुपमा को गले लगाकर एक सफल योजना को क्रियान्वित करने की शुरुआत की।

देविका ने अनुज और अनुपमा के साहस की प्रशंसा की, खासकर जब अनुज ने मामले को आगे बढ़ाने का प्रयास किया और शाह परिवार ने इसका इनकार किया।

अनुज ने देविका से कहा कि वह अनुपमा के दृढ़ संकल्प पर पूरा भरोसा करता है, जिसके बाद वे खुशी-खुशी घर जाने का निर्णय करते हैं।

 देविका अनुज से पूछती है कि वह इतनी देर से क्यों आया, खासकर जब वह पहले से ही घर से निकल चुका था।

अनुज को यह जानकर भ्रमित होता है कि मारुति देवी ने उसे बताया कि अनुपमा लिविंग रूम में थी जब वह वहाँ पहुँचा था।

देविका ने अनुज को बताया कि मारुति देवी पहले ही क्लब में चली गई थी, और इसलिए वह अकेले क्लब में आने का निर्णय लिया।

अनुज ने अपने संकल्प की महत्वपूर्णता को दर्शाया, जिससे वह अनुपमा के साथ सफलतापूर्वक काम कर सके।

अनुज ने मामले को आगे बढ़ाने के बावजूद, शाह परिवार के द्वारा आयी चुनौतियों का सामना किया।

देविका ने अनुज को मारुति देवी की सलाह के बारे में बताया और उसकी सहायता की।