अनुपमा को मालती देवी के आरोपों के बारे में जानकर अपनी बदलती धारणा की शुरुआत होती है। वह यह सोचने लगती है कि उसे अनुज की परवाह नहीं है.

अनुपमा अनुपमा से कहती है कि उसे ऐसी चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उन्हें मामले पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है.

अनुपमा को दिल में भारीपन महसूस होता है, लेकिन वह अनुज को इसके बारे में नहीं बताने का फैसला करती है.

अनुपमा और अनुज अदालत के लिए तैयारी करते हैं और सख्त सुरक्षा के बीच वहां पहुंचते हैं.

सुरेश राठौड़ उनका स्वागत करते हैं, और मामला शुरू होता है.

फैसले में कहा जाता है कि सोनू को जेल से रिहा करने की अनुमति दी जाती है, क्योंकि उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं है.

अनुपमा और अनुज शाह घर लौटते हैं और सभी से उम्मीद नहीं खोने के लिए कहते हैं क्योंकि वे अपनी अगली अपील के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएंगे.

डिंपल अनुपमा से कहती है कि उन्हें ऐसा करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इस मामले के कारण परिवार नष्ट हो जाएगा.

अनुपमा को पता चलता है कि किंजल और तोशु विदेश जा रहे हैं, जिससे वह हैरान रह जाती है.

इस परिवार की दरियादिली और मिलजुल को बनाए रखने के बावजूद, अनुपमा की किंजल और तोशु के विदेश जाने के बारे में हैरानी के साथ निर्णय करने की आवश्यकता होती है।

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