एपिसोड शुरू: अनुपमा के द्वारा शाह परिवार को संभालने और दुश्मनों से लड़ने की यात्रा का आज का एपिसोड शुरू होता है.

दरवाजे की घंटी: अनुपमा को दरवाजे की घंटी की आवाज सुनाई देती है, जिससे उन्हें डर लगता है.

दरवाजे पर देविका: दरवाजे पर पहुंचने पर अनुपमा दरवाजे पर खड़ी होती है और देविका को दर्दभरी चेहरे से देखती है.

दोस्तों की मुलाकात: दोनों दोस्त दिलचस्प दृश्य के बाद लंबे समय के बाद एक साथ मिलते हैं.

देविका की गले लगाना: देविका तत्परता के साथ अनुपमा के पास दौड़ती है और उसे गले लगा लेती है.

अनुपमा की रोना: अनुपमा अपने दोस्त के समर्थन में रोती है, जब उसे समर की घटना के बारे में पता चलता है.

समर की आवश्यकता: देविका अनुपमा से कहती है कि वह समर को न्याय दिलाने के लिए मौसी के साथ रहेगी.

वनराज की भयभीत दृश्य: वनराज ने दूर से किसी को हसमुख और लीला पर बंदूक तानते हुए देखा और दौड़ते हैं.

बंदूक चलने का दृश्य: दौड़ते समय बंदूक चल जाती है, और वनराज चेहरे पर भय के भाव लिए खड़ा होता है.

समर की किस्मत: दर्शाया जा सकता है कि वनराज के साथ भी गोली चली हो सकती है, जैसा कि समर के साथ हुआ था.