Meet 08 August 2023 Written Update : मीत और सुमीत ने साथ मिलकर पूरा किया सपना

आज के Meet 08 August 2023 Written Update, में आपका स्वागत है। माँ ने मीत से कहा, मीत तुमने इस कारखाने में 5 साल पूरा कर ही लिया है। मीत का अहलावत का सपना पूरा हो गया है। उन्होंने अपनी आशिर्वाद दिया और उसे गले लगाया। मीत ने कहा, मनमीत के समर्थन के कारण ही सब कुछ संभव हो पाया है। इसके बाद, मीत मनमीत के पास चली गई।

मीत और मनमीत के संघर्ष की कहानी(Meet 08 August 2023 Written Update)

मनमीत फैक्ट्री के साइन बोर्ड के सामने खड़े थे और कह रहे थे, यह हमलोग का सपना था ना? अब यह पूरा हो गया है। मीत ने उन्हें उनके सभी प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया। मनमीत ने कहा, मुझे कभी नहीं पता चला कि यह सपना मेरा पूरा हो गया है, और अब सभी महिलाएं सरकारपुर में काम कर सकेंगी। उन्होंने जसोधा से सरकार के बारे में पूछा। जसोधा ने कहा, वह हवन कर रहे हैं, उनके लिए हवन से ज्यादा कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है। चलो, हम पूजा शुरू करते हैं। पंडित ने कहा, आइए पूजा शुरू करें। जसोधा ने मीत से पूछा, कलश कहाँ है? पंडित ने कहा, कलश के बिना हम पूजा नहीं शुरू कर सकते है। मीत ने सुमीत की तलाश करने लगी। मनमीत ने कहा, उसकी साइकिल यहाँ नहीं है, उसको फ़ोन कर के बुला रहा हूँ। सुमीत घर पर तैयार होकर अपनी साइकिल के साथ बाहर निकल गई। मीत और मनमीत ने उसे हर जगह ढूंढा पर कहि नहीं मिला। सुमीत फैक्ट्री की ओर बढ़ रही थी। मीत ने कहा, चलो, हम सुमीत को खोजने के लिए घर का भी रास्ता चेक करते हैं। सुमीत फैक्ट्री में प्रवेश कर गई। मीत और मनमीत ने उसे गले लगाया। सुमीत ने कहा, जब मैं यहाँ हूँ, तो कोई भी चिंता करने की ज़रूरत नहीं है।

पंडितजी ने कहा, हवन के लिए सिर्फ 2 मिनट ही शेष बचे हैं, कृपया कलश को जल्दी लाओ।जसोधा ने मीत से पूछा, तुम ने कलश कहाँ रख दिया?पंडितजी ने कहा, हम कलश के बिना पूजा शुरू नहीं कर सकते है।सुमीत ने कहा, आप लोग थोड़ा शांत हो जाओ, मैंने कलश ले आई हूँ, मैं घर से लाई हूँ।जसोधा ने उन्हें जल्दी से पूजा में आने को कहा। सुमीत ने कहा, तुमसे अकेले बाहर कौन जाने को कहा था? तो फिर क्यों गई?सुमीत ने उसके गाल पर चुम्मा दिया। मीत ने कहा, मुझ पर ये बातें बिलकुल भी नहीं चलेंगी। जसोधा ने उनकी तरफ चल कर कहा, सुमीत ने कहा, तुमको अकेले बाइक पर किसने जाने को कहा था? सुमीत ने कहा, क्योंकि मैं बाइक चलाना नहीं जानती, इसलिए मैं साइकिल के साथ आई।मनमीत ने कहा, चिंता न करो, मैं तुम्हें बाइक चलाना सिखा दूँगा और फिर मैं तुम्हें कुश्ती भी सिखाऊँगा।सुमीत ने कहा, मुझे फुटबॉल भी सिखा दो।मनमीत ने कहा, तुम्हें सब कुछ सिखा दूँगा, थोड़ा भी चिंता न करो।

पूजा उपरांत पंडितजी ने कहा, अब मशीन चालू करने का समय आ गया है।मीत और सुमीत ने JCB के अंदर प्रवेश कर जाते है। मीत ने इंजन चालू किया और फ्रंट हो के साथ फूल बरसाने लगते है। सभी कोई देख कर तालियाँ बजने शरू कर देते है। सुमीत ने मीत से पूछा, तुम जादूगर हो क्या? तुमने ऐसा कैसे किया?मनमीत ने सुमीत और मीत को मदद की। पंडितजी ने कहा, चलो, हम पूजा को जारी रखते हैं।गुनवंती ने महेंद्र से कहा, मैंने कनिका के लिए मिनिस्टर की सचिव के सभी व्यवस्थाएं कर दी हैं और मैंने उसके लिए एक उपहार भी पैक कर दिया है। महेंद्र ने कहा, कृपया प्रार्थना करो कि वह हमें अपनी शराब की फैक्ट्री स्थापित करने की अनुमति दे दे, क्योंकि मनमीत और मीत दवाई फैक्ट्री में हमारे पैसे को खर्च करने की कोशिश कर रहे हैं और मुझे दावा है कि उस फैक्ट्री का बड़ा नुकसान होगा।

गुंडों की धमकियों का सामना(Meet 08 August 2023 Written Update)

पंडितजी ने मनमीत और मीत से कहा, “हवन समग्री को लेकर हमारे साथ आइए।सरकार अपने हवन का आयोजन कर रहे थे। और कह रहे थे, पिछले 6 सालों से मैं यह हवन कर रहा हूँ ताकि मीत और मनमीत अलग हो जाएं, लेकिन कब तक तुम मुझे सुनते नहीं हो, हे भगवान्, मुझे एक रास्ता दिखा।सरकारपुर में एक लड़का गुंडों से भाग रहा था। पंडितजी ने रीती रिवाज़ किया और उन्होंने कहा, तुम अपने देवताओं के बारे में सोचो और उनसे पूछो कि तुम्हारे कितने बच्चे हैं। मीत ने कहा, 2 हैं, मनमीत ने 1 कहा।सभी हैरान हो गए। मनमीत ने मीत को शांत किया। जसोधा ने कहा, तुम उनसे क्यों पूछ रहे थे? हम पूजा शुरू करते हैं।

पंडितजी ने सुमीत के हाथ पर धागा बांधा दिया है। मीत ने सोचा, कश्मकश में हूँ, हमे अपने बच्चे को बचा लेना चाहिए था। एक लड़का सरकारपुर की सड़कों पर भाग रहा था। उसके गुटने में एक लॉकेट था, जिसे अनुभा ने मीत के बच्चे को दिया था। वह फैक्ट्री के अंदर भाग गया और JCB के सामने छिप गया। सुमीत ने उसको देखा लिया। गुंडे खुद को बाहर देख रहे थे। सुमीत ने उस लड़के की ओर भागना शुरू किया। लड़का ने उसे स्माइल दिया कि वह थोड़ा देर चुप रहे। सुमीत ने कहा, मम्मी-पप्पा ने मुझे जब खतरनाक स्थिति में बुलाया है तो मैं उन्हें बुलाऊंगी, लेकिन वे पूजा में व्यस्त हैं तो वे कैसे आएंगे। सुमीत ने एक बाल्टी लिए हाथ में बाँधी। वह JCB में बैठ गई। गुंडे JCB के सामने खड़े थे। लड़का उन्हें देख कर घबरा गया।और वे दूर चले गए। सुमीत ने बाल्टी वाहन से उतारी। पंडितजी ने कहा, हम पूजा समाप्त कर चुके हैं।मीत और मनमीत सुमीत की तलाश करने लगे। सुमीत ने लड़के से कहा, वे बुरे चाचा चल गए हैं, अब आप बाहर आ सकते हैं।

Conclusion

Meet 08 August में मनमीत, मीत और सुमीत के साथ की गई एकजुटता ने अपने एक सपने को साकार कर दिखाया है,और सरकारपुर की महिलाओं के लिए एक नई दौर की शुरुआत की है। परिवार के प्रेम के साथ, और साहस और सहायता के साथ अद्भुत सामर्थ्य को प्रकट किया गया है। यह भी साबित होता है कि बच्चे अपने माता-पिता के प्रेरणा और आशीर्वाद से अपने जीवन की सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।

FAQ

मीत सीरियल में शगुन का असली नाम क्या है?

मीत सीरियल में शगुन का असली नाम शगुन पांडे हैं ,और वह मुख्य भूमिका निभा रही हैं।

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