Anupama 3rd August 2023 Written Update | Anupama written update

आज के Anupama 3rd August 2023 Written Update में, पाखी अनुपमा और काव्या से कहती है कि सभी के साथ केक काटने के लिए आये क्योंकि हम वनराज को बाहर से लाने जा रही हूँ।काव्या चिंताजनक चेहरे के साथ केक के सामने वो खड़ी हो जाती है और लीला पूछती है कि वनराज इतने समय से क्या कर रहा है, जिस पर अनुज मजाक करता है कि वनराज की तो अभी तक ख़ुशियाँ ख़त्म हो ही नहीं रहीं हैं।

बरखा की बेईमानी का सामना(Anupama 3rd August 2023 Written Update)

फिर वनराज पाखी के साथ घर में प्रवेश करते हैं और उनके चेहरे की भावना से तो उदास लग रहे होते हैं, जिससे अनुपमा चिंतित हो जाती हैं क्योंकि मन ही मन सोचती है, यह फंक्शन बुरे तरीके से समाप्त होने नहीं चाहिए।तब बरखा बहुत तनावग्रस्त दिख रही होती हैं और अपने अस्थिरता को दबाने के लिए बार-बार अपनी बांह को दबाती रहती हैं, जब अंकुश घर में जाते हैं तो ठीक हो जाती हैं।

अंकुश अकेले ही खड़े दिखते हैं, तब बरखा धीरे से राहत महसूस करती हैं और सोचती हैं कि चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं हैं, लेकिन यह स्थिति ज्यादा देर तक नहीं रहती हैं क्योंकि अंकुश कहता हैं कि वह अनुज से अपने बच्चे के बारे में कुछ बात करना चाहते हैं।और सभी लोग सोचते हैं कि अंकुश सारा की बात कर रहे हैं, लेकिन अंकुश स्पष्ट करते हैं कि वह अपने बेटे के बारे में बात कर रहे हैं, जिस पर लीला पूछती हैं कि वे कैसे नहीं जानते कि अंकुश और बरखा के एक बेटा भी हैं।अंकुश कहता हैं कि यह सिर्फ उसका बेटा हैं और बरखा को इसके साथ कोई संबंध नहीं हैं, जो अब से उस घर में रहेगा, जिससे बरखा की आँखें भयंकर खुला के खुला ही रह जाती हैं।

फिर जब अंकुश रोमिल का नाम बुलाता हैं, एक किशोर लड़का अपने सामान के साथ उस घर में प्रवेश करता हैं और अपने चेहरे पर उदास भाव लिए खड़ा रहता हैं।तब सब लोग उसको देखने लगते हैं,बरखा अंकुश के पास जाती हैं और उससे कहती हैं कि वे उस अवैध बेटे के साथ इस छत को साझा नहीं कर सकते है जिससे वह अंकुश की धोखाधड़ी और बेईमानी को याद आने लगती हैं, जो उसने उससे कई साल पहले उसके साथ की थीं।

वनराज उस समारोह को देखते हुए मन ही मन सोचते हैं, जबकि बरखा कहती हैं कि अंकुश के बेटे का चेहरा उसे अंकुश की धोखाधड़ी को याद दिलाता हैं और वह उसे कभी बिलकुल भी स्वीकार नहीं करेगी।फिर अंकुश कहता हैं कि अगर बरखा एक अच्छी पत्नी होती तो वह बाहर जाकर प्यार नहीं ढूंढता, लेकिन वह बदली हुई पावर और पैसे की लालसा में इतनी व्यस्त रहती थीं की पति क्या प्यार पाने के अलावा बहार प्यार नहीं ढूढ़ती।जैसे ही अंकुश कहता हैं कि बरखा के माता-पिता भी उससे ऐसे ही रिश्ता तोड़ दिया था, तब बरखा एकदम से अंकुश को एक तमाचा मार देती हैं, जिससे सभी लोग देख कर चौंक जाता हैं।

फिर अंकुश नाराज हो जाता हैं और लगभग बरखा को मारने की कोशिश करता हैं, लेकिन अनुज उसका नाम बुलाकर उसको रोक देते हैं, जिससे वह आपदा आने से ठीक पहले ही रोक दी जाती हैं।अंकुश वही रुक जाता है।बरखा अनुपमा के पास आती हैं, और फिर उससे कहती हैं कि अंकुश से बात करने को क्योंकि वह जानती हैं कि उसकी जगह पर अनुपमा को भी कैसा महसूस होता हैं, जिसके बाद बरखा अनुपमा से पूछती हैं कि वह वनराज अपने अवैध बच्चे को ले आए क्या ,और काव्या के साथ रखने को स्वीकार करतीं।अनुपमा सुन कर चौंकी हुई हालत में खड़ी रह जातीं हैं जिस पर अनुज कहता हैं कि यह अंकुश और बरखा का निजी मामला हैं और उन्हें दखल देने की इच्छा बिलकुल भी नहीं हैं।और अनुपमा बरखा में बहस होने लगता है की,बरखा फिर से अनुपमा से पूछती हैं कि वह क्या करतीं अगर अंकुश अनुज की जगह होते और उसने अपने अवैध बच्चे को इस घर में ले आए होते।इस सब को सुन कर

वनराज कहता हैं कि बरखा को उस बच्चे को स्वीकार करने की बिलकुल आवश्यकता नहीं हैं क्योंकि वह उसके प्रति कोई ज़िम्मेदारी नहीं हैं और अंकुश की धोखाधड़ी को माफ कर दिया हैं, जिससे बरखा अंकुश से कहती हैं कि वह अपने बच्चे को वहां से वापस ले जाए कहीं से भी, लेकिन अंकुश कहता हैं कि वह इसे नहीं कर सकता क्योंकि रोमिल की मां ने उसको ज़िम्मेदारी देकर वह विदेश चली गई हैं।

फिर इतना ड्रामा देख कर शाह परिवार घर से चले जाते हैं और काव्या अनुपमा को चुपचाप बताती हैं कि वनराज सबकुछ जानते हैं, जिस पर अनुपमा खामोश होकर सिर हिलाती हैं और काव्या को चौंका देती हैं।और काव्या धीरे से घर से बाहर निकलती हैं और जानती हैं कि सब कुछ अब ख़त्म हो गया हैं और उसको घर से बाहर निकाल दिया जाएगा।बरखा कहती हैं कि जब इस चर्चा की दौरान कोई उसके साथ नहीं खड़ा हुआ तो सब ठीक हैं और उसे खुद कुछ करने की भी ज़रूरत नहीं हैं।

Conclusion

Anupama written update में विभिन्न चरित्रों के बीच बहुत तनावपूर्ण पल दिखाए गए हैं, जो दर्शकों को कारण समझने और सम्मान करने के लिए प्रेरित करते हैं। पाखी वनराज को घर लाने के लिए निकलती हैं लेकिन उसे उदास देखकर अनुपमा चिंतित होने लगती हैं। इधर वनराज को बेईमानी के चक्कर में आने से बरखा का तनाव बढ़ता हैं और वह अंकुश के अपने बच्चे को स्वीकार नहीं करने के लिए बोलती हैं। इससे पता चलता हैं कि परिवार में होने वाली तनावपूर्ण घटनाओं से हम सभी सीखते हैं और यह चरित्र विकास के लिए कितना महत्वपूर्ण हैं। चरित्रों के बीच बढ़ती हुई संघर्ष और समझौते ने इस शो को रूमानी और रोचक बनाया हैं और दर्शकों को एक साथ बाँधकर रखता हैं। यह एपिसोड शो के प्रमुख चरित्रों के बीच विवाद और वाद-विवाद को उजागर करने के साथ-साथ उनके व्यक्तिगत और परिवारिक जीवन में बिलकुल उतरता हैं। यह एपिसोड हमें समाज में होने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित किया जाता हैं, और सही और गलत के बीच फर्क समझने की क्षमता प्रदान करता हैं। एपिसोड में दिखाए गए विभिन्न चरित्र और उनके द्वारा लिए गए निर्णय दर्शकों को सोचने पर मजबूर करते हैं और उन्हें अपने जीवन में अधिक समझदारी से काम लेने के लिए प्रेरित करते हैं। अंत में, हमें यह दिखाया गया हैं कि विवादों और संघर्षों से भरी ज़िन्दगी में हमें सही और न्याय से चलना चाहिए और उसे हर मुश्किल में भी समझने की कोशिश करनी चाहिए। इसे ध्यान में रखते हुए हम अपने जीवन में और समाज में एक बेहतर व्यक्तित्व के रूप में ही उत्तराधिकारी बन सकते हैं।

FAQ

अनुपमा सीरियल में अनिरुद्ध कौन है?

अनुपमा सीरियल में अनिरुद्ध ‘रुशाद राणा’ है जो गांधी का किरदार निभाने वाले अभिनेता हैं। और वह लंबे समय के बाद शो में वापस आ गए हैं। दर्शक उन्हें देखने के लिए बहुत उत्साहित हैं क्योंकि उनकी वापसी का मतलब है कि बहुत सारे नए नाटक और रोमांचक मोड़ आयगे एपिसोड में।

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